फेक न्यूज़ वाले तारेक फतह कौन है

फेक न्यूज़ फ़ैलाने वाला तारेक फतह 

फेक न्यूज़ फ़ैलाने में महारत हासिल करने वाले उच्च कोटि के लोगो की अगर सारिणी बनाई जाये तो एक नाम पाकिस्तानी तारेक फतह का भी होगा। मगर बात जब देश के मुसलमानो के खिलाफ फेक न्यूज़ की होगी तो पाकिस्तान के तारेक फतह अव्वल होंगे। मगर तारेक फतह की तारीफ बस इतनी ही नहीं है घृणा फ़ैलाने में भी इनका कोई तोड़ नहीं है।
Tarek Fatah

कौन है तारेक फतह

तारेक फतह पैदाइसी पाकिस्तानी है। उनका परिवार 1947  में बटवारे के समय भारत के मुंबई को छोड़कर पकिस्तान चला गया। पकिस्तान के कराची में ही इनका जन्म हुआ, उन्होंने अपनी शुरूआती तालीम भी पकिस्तान में ही ली। इन्होने बायोकेमेस्ट्री के ग्रेजुएशन किया। उसी दौरान उनकी मुलाकात एक शिया मुस्लिम युवती "नरगिस तपाल" से हुई जिनसे उन्होंने चार साल बाद शादी कर ली।

ग्रेजुएशन के बाद वह पत्रकारिता करने लगे। पकिस्तान में जनरल जियाउल हक़ का समय इनपर लेफ्ट से जुड़े होने और सरकार के खिलाफ साजिस करने के आरोप में जेल में डाला गया। जनरल जियाउल हक़ का समय  ही 1977 में इन्होने पकिस्तान छोड़ दिया और सऊदी अरब में जाकर बस गए वह वह 1987 तक रहे और फिर उन्होंने अपना अगला ठिकाना कनाडा को चुना।

भारत में कब से है?

पाकिस्तानी तारेक फतह भारत में पहली बार 2013 में आये। उन्होंने "टाइम्स ऑफ़ इंडिया" को दिए इंटरव्यू में पाकिस्तान को खूब कोसा। जिसकी खूब चर्चा हुई।

2015 में कनाडा में हुए चुनाव में कंसेवेटिव(दक्षिणपंथी) पार्टी को करारी हार झेलनी पड़ी और लिबरल(वामपंथी) पार्टी की सरकार बनी।तारेक फतह कंज़र्वेटिव सपोर्टर थे और 2015 में कंज़र्वेटिव पार्टी के पक्ष में कई लेख लिखे थे।अपनी पार्टी के हार के बाद उन्होंने अपना अगला ठिकाना ढूढ़ना शुरू कर दिया।

2015 के बाद तारेक फतह भारत के न्यूज़ स्क्रीन पर खूब दिखने लगे। 2017  में "जी न्यूज़" पर उनका एक शो आया जिसका नाम "फतह का फ़तवा" रखा गया था। इस शो में मुसलमानो के मसलो पर बात होने की बात कही गई। मगर जल्द ही इसमें मस्जिदों की लाउडस्पीकर, औरतो के हिजाब और हज सब्सिडी पर चर्चा होने लगी, तारेक फतह ने यहाँ तक कहा की भारत के मदरसो में जिहाद की ट्रेनिंग दी जाती है।


इस शो को लेकर खूब विवाद हुआ और दक्षिणपंथी लोगो में पाकिस्तानी तारेक खूब पॉपुलर हुए उनके ट्विटर फॉलोवर में खूब हिजाफा हुआ। शो को लेकर विवाद तब और बढ़ गया जब शो में आये एक मेहमान ने कह दिया की " वो तारेक फतह भारत के मुसलमानो को इस्लाम नहीं सीखा सकता जिसकी अपनी बेटी बिना शादी के बच्चे पैदा कर रही है।" विवादों में घिरा ये शो महज 17 एपिशोड में ख़त्म कर दिया गया।

इसके बाद तारेक फतह कुछ चैनलों के हीरो बन गया। चैनलों के डिबेट में उन्हें बुलाया जाने लगा इंटरव्यू हुए जिसमे वह पकिस्तान के कंधे पर रखकर भारतीय मुसलमानो पर हमले करता।

खास बात यह है की अपने से इतर राय रखने वाले लोगो पर तारेक फतह व्यक्तिगत हमले करता है उन्हें "कठमुल्ला" बुलाते है, "दाउद का दोस्त" कहता है,  उन्हें टट्टू जैसे शब्दों की संज्ञा देताहै।

CAA का करते है समर्थन 

एक तरफ तारेक फतह कहते है की वो भारतीय है और उनके साथ पांच हजार साल पुरानी सिंधु और मोहनजोदङो की सभ्यता का इतिहास है।

वही दूसरी तरफ वह न्यूज़ चैनल पर CAA का समर्थन भी करते हुए भी देखे जाते है। शाहीन बाग़ के महिलाओ के ऊपर विवादित टिप्पड़ी करते हुए इसने कहा "जो बुरखे से आजादी नहीं ले पाई वो किस आज़ादी की बात कर रही है." 


महिलाओ को लेकर विचार

तारेक फतह कहते है की इस्लाम महिलाओ को आज़ादी छिनता है। उन्हें परदे में रखता है। वही दूसरी तरफ उनके ट्वीट महिलाओ को लेकर उनके सड़े हुए सोच को दिखता है।

तारेक फतह के ट्विटर पर अनगिनत ऐसे ट्वीट है जिसमे वह महिलाओ पर अभद्र टिप्पड़ी करते है। उन्हें एक महिला की गाड़ी से गिरना हास्यपद लगता है।
Tarek Fatah twitted a Video of falling woman 

तारेक फतह ट्रोल के सरगना है, अपने ट्विटर से वो उन महिला पत्रकारों को ट्रोल करते है जिनके विचार इनसे  नहीं मिलते। अपने ट्विटर से पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को ट्रोल करते हुए लिखा की ये आदमी पकिस्तान की राष्ट्र भाषा की प्रशंसा करता है जिसके बाद मशहूर अदाकारा रेणुका शाहने सहित कई लोगो ने इसकी क्लास लगाई।
Renuka Shahane slapped a answer on Tarek Fatah 

अपने ट्विटर अकाउंट से भारतीय पत्रकार अरफ़ा खानम शेरवानी, राणा अयूब की एक तस्वीर शेयर करते हुए पाकिस्तानी तारेक फतह ने लिखा की ये जिन्ना की बहने है। अपने ट्विटर से भारतीय महिलाओ को ही नहीं बल्कि अमेरिका और ब्रिटेन की महिलाओ को भी  तारेक फतह ट्रोल करता है 

एक न्यूज़ इंटरव्यू में भी इसने यही बात दुहराई की अरफ़ा खानम शेरवानी जिन्ना की बहन है मगर पलटकर किसी ने ये नहीं पूछा की एक पाकिस्तानी आदमी जिसके पिता ने बटवारे के समय पकिस्तान को चुना वो एक महिला के बारे में (जिसके पिता ने बटवारे में भारत और  गाँधी के आदर्शो को चुना) ऐसा कैसे कह सकता है।

फेक न्यूज़ फ़ैलाने में है महारत 

न्यूज़ चैनेलो के चहेते तारेक फतह ने फेक न्यूज़ फ़ैलाने में पीएचडी की हुई है। अनगिनत बार इसने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से भारत के लोगो के बीच जहर घोलने वाले फेक न्यूज़ शेयर किये है। जिसकी "ऑल्ट न्यूज़", "दी क्विंट" और "न्यूज़ लांड्री"  और दूसरी फैक्ट चेकिंग वेबसाइट ने खुलासे किये है।

एक डॉक्टरेड फोटो शेयर करते हुए इसने लिखा की मदरसो में हलाला को सही बताया जाता है जिसके बाद कई न्यूज़ चैनल में इसे फेक पाया गया।

जनवरी 2020 में तारेक फतह ने एक वीडियो  ट्वीट किया और कैप्शन दिया "क्या ये महिलाये  शाहीन बाग की है जो CAA के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है।" फैक्ट चेक वेबसाइट ऑल्ट न्यूज़ ने बताया की यही वीडियो इसने 2017 में दो बार अलग अलग कैप्शन देकर ट्वीट किया था.

The same video twitted by Tarek Fatah with different captions.
ऑल्ट न्यूज़ की इस पड़ताल की पुष्टि "दी क्विंट" ने भी की 

Source- The Print
तारेक फतह भारत के लोगो के बीच जहर फ़ैलाने के लिए बांग्लादेश की तस्वीर भारत की बताकर ट्वीट करता है।
न्यूज़ वेबसाइट दी स्क्रॉल ने अपने वेबसाइट पर एक फैक्ट चेक आर्टिकल लिखा जिसमे बताया की 20 बार तारेक फतह ने उन्माद फ़ैलाने के नियत से फेक न्यूज़  ट्वीट किया है। जिसमे भारत की तस्वीर पाकिस्तान की, पकिस्तान की तस्वीर भारत की और बांग्लादेश की तस्वीर पश्चिम बंगाल की बता कर ट्वीट किया है।

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20 times Pakistani-Canadian writer Tarek Fatah has tweeted fake news – often with a communal bite

तारेक फतह का एक पुराना वीडियो भी इंटरनेट पर मौजूद है, जब वह भारत में नहीं आया था। जिसमे वह कहता है की भारत का भविष्य टुकड़े है और अगर उसका सपना सच हुआ तो भारत से बंगाल, पंजाब अलग हो जायेंगे।
Screenshots of the video in which Tarek Fatah saying India will break

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