हर महीने 1200 अनाथ बच्चो को खाना खिलते है khwaja Moinuddin

ख्वाजा मोईनुद्दीन(Khwaja Moinuddin) 

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Khwaja Moinuddin

अगर आप खाने के शौक़ीन है और यूट्यूब पर खाने की रेसेपी तलासते रहते है तो यक़ीनन अपने ख्वाजा मोईनुद्दीन(Khwaja Moinuddin) को देखा होगा। हसता हुआ नूरानी चेहरा। अक्सर सफेद कुर्ते में दिखने वाले मोईनुद्दीन के सिर पर एक सफ़ेद टोपी होती है। जो हसते हुए कहता है "अस्सलामवालेकुम मै आपका ख्वाजा मोईनुद्दीन।"

कौन है ख्वाजा मोईनुद्दीन 

यूट्यूब पर "नवाब्स किचन(Nwab's Kitchen)" के नाम से एक चैनल है जिसके हर वीडियो की शुरुआत होती है बच्चो के मुस्कुराते चेहरे से वो बच्चे जिन्हे ख्वाजा मोईनुद्दीन खाना खिलते है। एक न्यूज़ वेबसाइट "दी बेटर इंडिया" में छपे लेख के अनुसार मोईनुद्दीन हर महीने 1200 अनाथ बच्चो को खाना खिलते है।

आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में जन्मे ख्वाजा मोईनुद्दीन की परवरिश एक माध्यम मुस्लिम परिवार में हुई। मोईनुद्दीन ने MBA किया हुआ है। शादी के बाद खवाज मोईनुद्दीन हैदराबाद सिफत हो गए और न्यूज़ इंडस्ट्रीज में उन्होंने तेरह साल से ज्यादा का वक्त दिया।

कहा से आया ये आईडिया 

ख्वाजा मोईनुद्दीन ने तेरह  साल तक तेलगु न्यूज़ चैनल में वीडियो प्रोडूसर के हैसियत से काम किया है। उनके दोनों मित्र श्रीनाथ और भगत भी उनके साथ ही काम करते थे। न्यूज़ चैनल में काम करते हुए तीनो एक दूसरे को अच्छे से जानते थे। एक न्यूज़ एजेंसी "दी न्यूज़ मिनट" से बात करते हुए मोईनुद्दीन ने कहा-

"मै एक न्यूज़ चैनल में काम करता था, वहा हम एक प्रोग्राम करते थे "एक दिन एक MLA के साथ"।  इस काम से हमें तनख्वाह तो मिलती थी लेकिन,यह वो काम नहीं था जिससे मै प्यार करता था।"

एक दिन बात करते हुए मोईनुद्दीन और और उसके दोस्त श्रीनाथ और भगत ने यह निश्चय किया की वह कुछ अलग करेंगे उन्होंने एक यूट्यूब चैनल खोलने का फैसला किया।
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शुरू में वह खाना बनाने के बाद उसे पांच करते थे और फिर उसे बाटते थे। मगर फिर उन्होंने निश्चय किया की वह खाना वही बनाएंगे जहा उन्हें बचो को खाना खिलाना है। इसलिए मोईनुद्दीन की वीडियो में आपको खाना बनने की जगह हर बार अलग-अलग होती है।

"खाने का कोई मजहब नहीं है"

ख्वाजा मोईनुद्दीन कहते है की खाने का कोई मजहब नहीं होता। हर हफ्ते दो से तीन बार वो अनाथ बच्चो के लिए खाना बनते है, यानि महीने में बारह से पंद्रह बार इस दौरान ख्वाजा मोईनुद्दीन कम से कम 1200 बच्चो को खाना खिलाते है।
Khwaja Moinuddin feeding to orphans
Khwaja Moinuddin with Orphans

ख्वाजा मोईनुद्दीन कोई प्रोफेशनल शेफ नहीं है और न ही इन्होने कही से कोई ट्रेनिंग ली है, मोईनुद्दीन के यूट्यूब वीडियो की खाश बात ये है की ये अपनी किचन किसी खुले मैदान में, किसी पेड़ के निचे या किसी खेत में लगाते है। जो बनाते है ज्यादा (बल्क) में बनाते है और उसे खुद ही अनाथ बच्चो को परोसते है।

लोगो की मदद से होता है काम

नौकरी छोड़ने के बाद तीनो दोस्त बेरोजगार हो गये थे। हर बार बच्चो को खाना खिलने के लिए उन्हें आर्थिक मदद की आवश्यकता थी। दस वीडियो अपलोड करने के बाद कई लोगो ने ईमेल करके मदद करने की इच्छा जताई। तब से ले कर अब तक मोईनुद्दीन का ये काम लोगो की मदद से ही होता है।

शुरू में तीन लोगो से चलाया गे यह काम अब एक बड़े स्टार पर होता है और अब इस टीम में सात लोग जुड़े हुए है।

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Khwaja Moinuddin feeding to orphans

हाल ही में गुजरात पुलिस ने मोईनुद्दीन से संपर्क किया, की उनकी वीडियो में एक ऐसा लड़का दिखा है जो गुजरात का है और अपने माता पिता से वर्षो पहले बिछड़ चूका था, लड़का मानसिक रूप से कमजोर था इसलिए अपने घर नहीं  पहुंच पाया। मोईनुद्दीन का विडिओ देखते हुए परिवार के किसी सख्स ने उस बालक को देखा और पहचान लिया।

मोईनुद्दीन बच्चो को सिर्फ खाना ही नहीं खिलते बल्कि अलग-अलग समय पर उन्हें कपडे, बस्ते और दूसरे पढ़ने-लिखने के सामान देते रहते है।
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